सुरक्षा · 23 अक्टूबर 2026
वायरलेस बारकोड स्कैनर में सुरक्षा खामी से गोदाम और खुदरा नेटवर्क को खतरा
Kaspersky Security Services के शोधकर्ताओं ने वायरलेस बारकोड स्कैनर में एक गंभीर सुरक्षा खामी का पता लगाया है, जिनका उपयोग गोदामों और खुदरा क्षेत्र में व्यापक रूप से किया जाता है।
यह खामी उपकरणों और बेस स्टेशनों के बीच प्रमाणीकरण की कमी के कारण उत्पन्न होती है। इस कमी का फायदा उठाकर हमलावर ब्लूटूथ के माध्यम से सिस्टम में घुसपैठ कर सकते हैं और जुड़े हुए कंप्यूटरों पर दूरस्थ रूप से कोड चला सकते हैं।
हमले की प्रक्रिया में, हमलावर ब्लूटूथ ट्रैफ़िक को सुनकर बेस स्टेशन का पता लगाता है और फिर उससे सीधा संबंध स्थापित करता है। इसके बाद, हमलावर कीबोर्ड की कुंजी प्रहारों की नकल करने वाला दुर्भावनापूर्ण डेटा भेजता है। बेस स्टेशन इन संकेतों को वैध मानकर कंप्यूटर तक पहुँचा देता है, जिससे हमलावर बिना किसी भौतिक उपस्थिति के अनधिकृत कमांड चला सकता है और परिचालन प्रौद्योगिकी नेटवर्क में प्रारंभिक पहुँच प्राप्त कर सकता है।
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यह समस्या कई बड़े निर्माताओं के उपकरणों में देखी गई है। चूंकि प्रभावित वर्कस्टेशन अक्सर कॉर्पोरेट नेटवर्क के भीतर विश्वसनीय स्थिति में होते हैं, इसलिए वे महत्वपूर्ण प्रणालियों के लिए जोखिम पैदा करते हैं।
वैश्विक ई-कॉमर्स की मात्रा 6 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गई है, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाओं में उपयोग किए जाने वाले इन हार्डवेयर की सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो गई है। Kaspersky Industrial Security Services के प्रमुख Sergey Sidorov के अनुसार, खुदरा और रसद दुनिया का पूर्ण डिजिटलीकरण यह साबित करता है कि एक अकेला बारकोड स्कैनर भी पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को रोकने वाले घुसपैठ बिंदु में बदल सकता है।